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13 February से होगा सूर्य का कुंभ राशि में गोचर, जानें सभी राशियों पर इसका प्रभाव !

13 February
13 February सूर्य सभी ग्रहों के राजा हैं और वैदिक ज्योतिष में सूर्य की भूमिका को बेहद विशाल माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार, सूर्य आत्मा और पिता का प्रतिनिधित्व करते हैं। सूर्य द्वारा ही सभी ग्रहों को प्रकाश प्राप्त होता है और ग्रहों की इनसे दूरी या नजदीकी भी उन्हें अस्त कर देती है। सूर्य हमारे शरीर के मुख्य अंग हमारी आंख और हृदय को नियंत्रित करते हैं। सामान्य तौर पर सूर्य देव को गरिमा, स्वाभिमान, अहंकार और करियर आदि का कारक माना गया है। यदि कुंडली में सूर्य अपनी स्वराशि सिंह या उच्च राशि मेष में मौजूद हों तो ये जातकों को अनुकूल परिणाम देते हैं। मंगल, बृहस्पति और चंद्रमा सूर्य के मित्र ग्रह हैं। मान लीजिए यदि सूर्य मेष, वृश्चिक, धनु या मीन राशि में स्थित है, जो कि मंगल और बृहस्पति द्वारा शासित राशियाँ हैं तो उस स्थिति में कई तरह के प्रभाव देखने को मिलेंगे। वहीं दसवें भाव में स्थित सूर्य अनुकूल परिणाम देते हैं। फलस्वरूप यह आपको, बुद्धिमान, विद्वान और प्रसिद्ध बनाते हैं। santosh add इसी क्रम में आत्मा और शक्ति के स्वामी सूर्य 13 फरवरी 2023 को सुबह 9 बजकर 21 मिनट पर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में सूर्य का ये गोचर सभी राशियों के जातकों के जीवन के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित करने वाला है। सूर्य का कुंभ राशि में गोचर आपके जीवन पर कैसे प्रभाव डालेगा यह जानने के लिए अभी पढ़े सूर्य का कुंभ राशि में गोचर: सभी राशियों पर प्रभाव अब आगे बढ़ते हैं और जानते हैं सूर्य के कुंभ राशि में गोचर का सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन पर शुभ-अशुभ कैसा प्रभाव पड़ेगा। मेष राशि मेष राशि के लिए सूर्य पांचवे भाव के स्वामी हैं और यह आपके ग्यारहवें भाव में गोचर करेंगे। इस दौरान आपकी सामाजिक सक्रियता बढ़ेगी और आप प्रभावशाली लोगों के संपर्क में आएंगे। साथ ही दोस्तों का सहयोग मिलेगा। हालांकि पारिवारिक मामलों से निपटने के लिए ठंडे दिमाग से काम लें क्योंकि वाद-विवाद होने की संभावना है। वहीं संतान से संबंधित कोई परेशानी आपको तनाव में डाल सकती है। इसके अलावा व्यवसाय करने वाले लोगों के लिए भी उत्तम लाभ के योग बनेंगे लेकिन कोई भी डील पर हस्ताक्षर करने से पहले अच्छे से सोच-समझ लें वरना धोखा मिलने की भी आशंका है। वृषभ राशि वृषभ राशि के लिए सूर्य चौथे भाव के स्वामी हैं और यह आपके दसवें भाव में गोचर करेंगे। कुंभ राशि में सूर्य शनि की युति शनि देव के लिए अनुकूल है क्योंकि यह युति उनके मूल त्रिकोण राशि में हो रही है। सूर्य देव के लिए यह स्थिति अनुकूल नहीं है, लेकिन वहां उन्हें दिग्बल प्राप्त होगा। ऐसे में यह गोचर सरकारी सेवा, एनजीओ या कलात्मक गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए अनुकूल रहने वाला है, लेकिन फिर भी आपको सावधान रहने की जरूरत होगी। वहीं, जो लोग विवाह करने की योजना बना रहे हैं उन्हें यह योजना आगे के लिए टाल देनी चाहिए क्योंकि इस दौरान फलदायी परिणाम प्राप्त नहीं होने की संभावना है। आशंका है कि रिश्ते में खटास आ सकती है। वहीं शिक्षा के क्षेत्र की बात करें तो, यह समय छात्रों के लिए उतार-चढ़ाव से भरा रहेगा। samanyu college add मिथुन राशि मिथुन राशि के लिए सूर्य तीसरे भाव के स्वामी हैं और यह आपके नौवें भाव में गोचर करेंगे। ऐसे में इस दौरान आपको कार्यक्षेत्र में सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी क्योंकि आप में अहंकार की भावना बढ़ेगी और इससे आपके व्यवहार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। आशंका है कि बॉस या वरिष्ठ अधिकारियों से अनबन हो सकती है। वहीं, इस अवधि में आपकी रुचि धार्मिक गतिविधियों और अध्यात्म में हो सकती है, लेकिन यदि आप किसी धार्मिक कार्यक्रम, तीर्थ यात्रा या व्यवसाय के सिलसिले में यात्रा करते हैं तो यह आपके लिए फलदायी साबित नहीं होगी। हो सकता है कि आपको कई समस्याओं का सामना करना पड़े। इसके अलावा, आपके पिता के साथ कुछ मतभेद होने की आशंका है। ऐसे में अपने पिता के साथ किसी भी वाद-विवाद में पड़ने से बचें। वहीं जो छात्र उच्च शिक्षा का अध्ययन करने के इच्छुक हैं, उन्हें इस अवधि में निराशा और हताशा का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह समय आपके लिए उतार-चढ़ाव भरा रहेगा क्योंकि आपको पेट या हृदय संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कर्क राशि कर्क राशि के लिए सूर्य दूसरे भाव के स्वामी हैं और यह आपके आठवें भाव में गोचर करेंगे। यह अवधि आपके लिए ज्यादा फलदायी साबित नहीं होगी क्योंकि इस दौरान आपको कुछ वित्तीय परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आपका मानसिक तनाव बढ़ा सकती हैं जिसके परिणामस्वरूप अनावश्यक खर्चे हो सकते हैं। हालांकि शेयर बाजार से जुड़े लोगों के लिए यह समय बेहतर साबित होगा। इसके अलावा, पारिवारिक जीवन की बात करें तो, आपका आपके साथी के साथ वाद-विवाद होने की प्रबल आशंका है और यह विवाद इतना बढ़ सकता है कि अलगाव की स्थिति भी बन सकती है। कुल मिलाकर यह समय कर्क राशि वालों के लिए कुछ खास नजर नहीं आ रहा है। आपको इस दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। santosh add सिंह राशि सिंह राशि के लिए सूर्य पहले भाव के स्वामी हैं और यह आपके सातवें भाव में गोचर करेंगे जहाँ सातवें भाव के स्वामी पहले से ही मौजूद हैं। वैवाहिक जीवन के लिए, यह समय फलदायी साबित नहीं होने की आशंका है। आपका आपके पार्टनर के साथ वाद-विवाद हो सकता है इसलिए इस अवधि के दौरान ज्यादा से ज्यादा शांत रहें और धैर्य बनाए रखें। संभावना है कि इन विवादों से बात बढ़ सकती है और यह स्थिति कई बार अलगाव या तलाक तक पहुंच सकती है। सूर्य के गोचर के प्रभाव से आप कई बार स्वार्थी हो सकते हैं जिसके कारण आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा भी खराब होने की आशंका है। हालांकि इस दौरान आपको किसी भी तरह के अहंकार से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह आपके व्यक्तिगत और व्यावसायिक संबंधों को खराब कर सकता है और आप आर्थिक समस्याओं से जूझ सकते हैं। कन्या राशि कन्या राशि के लिए सूर्य बारहवें भाव के स्वामी हैं और यह आपके छठे भाव में गोचर कर रहे हैं। इस गोचर के दौरान आपके विचारों में स्पष्टता नजर नहीं आएगी। कार्यक्षेत्र में किसी भी तरह की गपशप से दूर रहें क्योंकि इससे समस्याएं और बढ़ सकती है। आपके विरोधी आप पर हावी हो सकते हैं। इसके अलावा इस राशि के जो लोग सरकारी नौकरी करते हैं उन्हें काम में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है और अधिकारियों के साथ परेशानियों से जूझना पड़ सकता है। साथ ही, संभव है कि कानूनी मामलों में नतीजे आपके पक्ष में न आये। ऐसे में इन समस्याओं से निकलने के लिए रोजाना सुबह सूर्य देव की पूजा करें। इससे आपको लाभ मिल सकता है। तुला राशि तुला राशि के लिए, सूर्य ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और यह आपके पांचवें भाव में गोचर करेंगे। गोचर अवधि के दौरान आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। शेयर बाजार में निवेश करना आपके लिए फायदेमंद साबित होगा। विलासिता और भौतिकवादी वस्तुओं में वृद्धि देखने को मिलेगी। प्रेम जीवन की बात करें तो, साथी के साथ तकरार होने की आशंका है। कुल मिलाकर यह गोचर आपको आर्थिक लाभ प्रदान करेगा लेकिन आपके अंदर अहंकार की भावना जगा सकता है। आपके बॉस या बिज़नेस पार्टनर को आपसे परेशानी हो सकती है। ऐसे में अहंकार से बचने और आशावादी रहने की सलाह दी जाती है। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों को अपनी पढ़ाई में सफलता प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने की जरूरत होगी। add वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के लिए सूर्य दसवें भाव के स्वामी हैं और यह आपके चौथे भाव में गोचर करेंगे। सूर्य का यह गोचर आपके लिए अनुकूल साबित होगा। पेशेवर जीवन सफल रहेगा। करियर के लिहाज से आपको नए अवसर प्राप्त होंगे। आपकी सुख-सुविधाओं और विलासिता में वृद्धि होगी लेकिन हो सकता है कि आप इन सुख-सुविधाओं का आनंद लेने में सक्षम न हों क्योंकि आप अपने काम में अत्यधिक व्यस्त हो सकते हैं। कुल मिलाकर यह गोचर आपके लिए बेहतर रहेगा। धनु राशि धनु राशि के लिए, सूर्य नौवें भाव के स्वामी हैं और यह आपके तीसरे भाव में गोचर करेंगे। सूर्य का यह गोचर धनु राशि वालों के लिए बेहद अनुकूल नहीं रहने वाला है क्योंकि इस दौरान आपको आपकी मेहनत के अनुसार परिणाम प्राप्त होते नहीं दिख रहे हैं जिसका नकारात्मक असर आपके कार्यक्षेत्र के साथ-साथ घर पर भी देखने को मिलेगा। आशंका है कि इस अवधि में आपके द्वारा की गई यात्रा फलदायी साबित नहीं होगी। हालांकि, आप अपने शब्दों का चयन बड़ी समझदारी के साथ करें क्योंकि कठोर वाणी आपको मुसीबत में डाल सकती हैं। वहीं, छोटे भाई-बहनों के साथ आपका मनमुटाव हो सकता है और संभव है कि जरूरत पड़ने पर आपको उनका सहयोग भी न मिले। मकर राशि सूर्य के इस गोचर के दौरान किसी से झूठे वादे न करें क्योंकि इसका आपको खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। इस दौरान स्टॉक मार्केट या शेयर मार्केट में निवेश करने से बचें। आर्थिक लिहाज से आपकी स्थिति में सुधार आने की संभावना है। आप एक से अधिक स्रोतों से कमाई करने में सक्षम होंगे लेकिन धन बचत कर पाना आपके लिए मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा, इस अवधि में आपको अपने शब्दों पर संयम रखने की सलाह दी जाती है। साथ ही, संपत्ति को लेकर चचेरे भाई-बहनों और परिवार के सदस्यों के साथ विवाद संभव है। वहीं जो लोग रहस्यमयी विद्याओं के क्षेत्र से जुड़े हैं उनके लिए यह समय अनुकूल साबित होगा। कुंभ राशि कुंभ राशि के लिए सूर्य सातवें भाव के स्वामी हैं और यह आपके पहले भाव में गोचर करेंगे। इस दौरान खुद में सुधार लाना आपकी पहली प्राथमिकता हो सकती है। इसके अलावा आप समाज में अपनी मजबूत छवि बनाना चाहेंगे जिसके लिए आप प्रयास करते नज़र आएंगे। साथ ही, इस गोचर के दौरान आप भौतिक सुख-सुविधाओं को प्राप्त करने में सफल होंगे। इस अवधि में आपको अपनी मेहनत और ईमानदारी के लिए पुरस्कृत किया जा सकता है। हालांकि, निजी जीवन में साथी के साथ रिश्ते बिगड़ सकते हैं। ऐसे में आपको पार्टनर के साथ संबंधों को मजबूत बनाने में ध्यान देना चाहिए। मीन राशि मीन राशि के लिए, सूर्य छठे भाव के स्वामी हैं और यह आपके बारहवें भाव में गोचर करेंगे। ऐसे में व्यावसायिक रूप से आप बेहद ही व्यस्त रहने वाले हैं। इस गोचर के दौरान जीवन के सभी पहलुओं में छोटी मोटी समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं। हालांकि इन समस्याओं से आप आसानी से बाहर निकलने में सक्षम होंगे लेकिन स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आपको कष्ट दे सकती हैं। बिज़नेस के लिहाज से, इस गोचर के दौरान विदेशी डील करने के लिए आपको इंतज़ार करना पड़ सकता है। साथ ही विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं तो उसे आगे के लिए स्थगित कर दें, क्योंकि यह यात्रा अनुकूल साबित नहीं होगी।
इन उपायों से सूर्य और शनि को करें मज़बूत प्रतिदिन सूर्य के बीज मंत्र “ऊँ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः” का जाप करें। रोज सुबह तांबे के पात्र में सूर्य को जल अर्पित करें। गरीबों व जरूरतमंदों को लाल या नारंगी रंग के वस्त्र दान करें। हर शनिवार को शनि देव के मंदिर में जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
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