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  • April 16, 2024
  • Last Update April 12, 2024 4:42 pm
  • Noida

Demonetisation Case in Supreme Court, 24 को होगी अगली सुनवाई, केंद्र ने मांगा और समय

Demonetisation Case in Supreme Court, 24 को होगी अगली सुनवाई, केंद्र ने मांगा और समय

Demonetisation Case in Supreme Court, केंद्र सरकार नोटबंदी मामले में हलफनामा दाखिल करने में विफल रही जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी मामले की सुनवाई 24 नवंबर तक के लिए टाल दी।

इस वाक्ये के बाद कोर्ट ने ‘शर्मिदा करने वाला ‘ करार दिया। 11 अक्टूबर को, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और आरबीआई से 2016 के नोटबंदी के फैसले पर हलफनामा दायर करने और आरबीआई को केंद्र के पत्र, आरबीआई बोर्ड के फैसले और नोटबंदी की घोषणा के संबंध में फाइलें तैयार रखने को कहा था।

शीर्ष अदालत 500 और 1,000 रुपये के नोटों को प्रचलन से बाहर करने के केंद्र के 2016 के नोटबंदी के फैसले को चुनौती देने वाली 50 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।

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न्यायमूर्ति एसए नजीर की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति बी.आर. गवई, ए.एस. बोपन्ना, वी. रामसुब्रमण्यम, और बी.वी. नागरत्ना शामिल हैं, ने मामले को तब स्थगित कर दिया जब अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमनी ने हलफनामा दायर करने के लिए और समय की मांग की।

वेंकटरमनी ने हलफनामा तैयार नहीं कर पाने के लिए पीठ से माफी मांगी और एक सप्ताह का समय मांगा। पीठ ने कहा, आम तौर पर एक संविधान पीठ इस तरह कभी भी स्थगित नहीं होती है। हम कभी ऐसे नहीं उठते। यह कोर्ट के लिए भी बेहद शर्मनाक है। इस पर वेंकटरमणि ने कहा कि यह उनके लिए भी शर्मनाक है।

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याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने कार्यवाही स्थगित करने की दलीलों के खिलाफ तर्क देते हुए कहा कि यह संविधान पीठ के समक्ष कभी भी स्वीकृत नहीं रहा है।

याचिकाकर्ताओं में से एक का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने कहा कि स्थगन के लिए एक संविधान पीठ से पूछना सामान्य बात नहीं है। याचिकाकर्ताओं के अन्य वकील ने कहा कि उन्हें बहस करने की अनुमति दी जानी चाहिए और आरबीआई और केंद्र सरकार हलफनामा दाखिल करने के लिए अपना समय ले सकती है। एक अन्य याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि यह स्थिति शर्मनाक है।

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