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  • July 13, 2024
  • Last Update June 22, 2024 7:38 am
  • Noida

IMS BHU Trauma Centre में इजरायल से आएगी चिकित्सकीय टीम, पांच साल बाद भव्य आयोजन

IMS BHU Trauma Centre में इजरायल से आएगी चिकित्सकीय टीम, पांच साल बाद भव्य आयोजन

Institute of Medical Sciences BHU के ट्रॉमा सेंटर (IMS BHU Trauma Centre) में इंडो-इजरायल ट्रॉमा कोर्स आयोजित किया जा रहा है। पांच साल बाद आयोजित होने वाले दूसरे इंडो-इजरायल ट्रॉमा कोर्स में शामिल होने के लिए इजरायल से चिकित्सकों और विशेषज्ञों की टीम बीएचयू आएगी। इसमें छोटी से बड़ी दुघर्टनाओं के समय घायलों को किस तरह से कुशलता के साथ अस्पताल पहुंचाया जाए, इसकी जानकारी और ट्रेनिंग दी जाएगी। घायलों को समय रहते बेहतर इलाज और सुविधाएं कैसे मिलें इसकी जानकारी दी जाएगी।

IMS BHU Trauma Centre में ट्रेनिंग

ट्रॉमा संबंधी सभी जरूरतों और बारीकियों पर चर्चा की जाएगी। पांच साल पहले यानी 2017 में इंडो-इजरायल ट्रॉमा कोर्स का आयोजन हुआ था। जब भी कहीं पुल हादसा हो या फिर ट्रेन एक्सीडेंट, नाव पलटने की घटना हो या फिर सड़क पर बड़ा एक्सीडेंट। ऐसी घटनाओं में जल्दी से जल्दी मरीजों को अस्पताल पहुंचाना सबसे जरूरी होता है। इसके साथ ही अस्पताल में भी इलाज की मुकम्मल व्यवस्थाएं भी बहुत जरूरी होती हैं। हादसे के समय और उसके बाद क्या तैयारियां हों ? इसका प्रशिक्षण आईएमएस बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में दिया जाएगा।

इमरजेंसी में इलाज की ट्रेनिंग भी मिलेगी

ट्रॉमा सेंटर प्रभारी प्रोफेसर सौरभ सिंह के अनुसार दूसरे इंडो इजरायल ट्रॉमा कोर्स का आयोजन 24 से 26 फरवरी, 2023 तक किया जाएगा। इसके साथ ही मास कैजुअलटी सिचुएशन (MCS) पर वर्कशॉप भी होगा। इसमें पुलिस, पीएसी के जवान, 39 जीटीसी, एनडीआरएफ, सीआरपीएफ, आरपीएफ के जवानों को ट्रॉमा के बारे में इजरायल से आने वाली टीम प्रशिक्षित करेगी। इसमें बताया जाएगा कि कैसे हादसों के समय मरीजों की मदद करें। अस्पताल में जांच के लिए जरूरी उपकरण क्या होने चाहिए, इमरजेंसी में इलाज की विधियों सहित और जरूरी जानकारी भी दी जाएगी।

CM योगी व केंद्रीय शिक्षा मंत्री को बुलाने की तैयारी

ट्रॉमा सेंटर प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह ने बताया कि पांच साल बाद शुरू होने वाले कोर्स में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. धर्मेंद्र प्रधान सहित कई लोगों को बुलाने की तैयारी है। इसके लिए उन्हें पत्र भेजकर कार्यक्रम में शामिल होने का अनुरोध किया जाएगा। इसके साथ ही देश के जाने माने चिकित्सा संस्थानों से विशेषज्ञ भी यहां आकर ट्रॉमा से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखेंगे।

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