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  • April 15, 2024
  • Last Update April 12, 2024 4:42 pm
  • Noida

Akhilesh Yadav UPSRTC पर घिरे, रोडवेज की बस को ‘खटारा’ बताया, जवाब मिला- दुष्प्रचार कर रहे पूर्व CM

Akhilesh Yadav UPSRTC पर घिरे, रोडवेज की बस को ‘खटारा’ बताया, जवाब मिला- दुष्प्रचार कर रहे पूर्व CM

Akhilesh Yadav UPSRTC : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को  कानपुर से लखनऊ आ रही खटारा बस की एक फोटो ट्वीट कर दी। उन्होंने लिखा ‘खटारा सरकार की खटारा बस!’ बस की हालत यही बयां कर रही थी कि भला इस बस में कैसे यात्री सफर करते होंगे, लेकिन जब वास्तविकता सामने आई तो अखिलेश को भी अपने किए गए इस ट्वीट पर सोचने को मजबूर होना पड़ गया। रोडवेज प्रशासन ने जवाब दिया कि बस मेंटेनेंस के लिए जा रही थी। बस में कोई यात्री नहीं था। यह दुष्प्रचार किया गया है।जानबूझकर विभाग की छवि खराब करने के लिए बस की तस्वीर पोस्ट की गई है।

दरअसल, रायबरेली डिपो की एक बस सोमवार को कानपुर से लखनऊ की तरफ आ रही थी। बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त थी। बस का पिछला हिस्सा पूरी तरह खुला हुआ था, जिससे सीटें साफ नजर आ रही थीं। नंबर प्लेट गायब थी। बस काला धुंआ भी उगल रही थी।।सपा मुखिया अखिलेश यादव ने इस बस की फोटो अपने ट्विटर हैंडल से साझा कर दी। उस पर कैप्शन लिखा खटारा सरकार की खटारा बस। देखते ही देखते फोटो वायरल हो गई। परिवहन निगम के अधिकारियों में भी खलबली मच गई।

Akhilesh Yadav UPSRTC

रोडवेज के अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल बस की पड़ताल शुरू कर दी। जब स्थिति स्पष्ट हो गई तो पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ट्वीट का करारा जवाब भी दिया गया। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रायबरेली डिपो ने बताया कि जिस तस्वीर को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्विट किया है, उस बस में एक भी यात्री नहीं था। कानपुर से लखनऊ आते वक्त बस में पीछे से किसी वाहन ने टक्कर मार दी थी, जिसकी वजह से बस का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। बस को मरम्मत के लिए क्षेत्रीय कार्यशाला लखनऊ लाया जा रहा था। इसी बीच फोटो खींचकर वायरल कर दी गई, जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई है।

Akhilesh Yadav UPSRTC

फिलहाल, अखिलेश यादव से ट्वीट के मामले में पहले भी कई गलतियां हो चुकी हैं, इस बार भी उनसे खटारा बस को ट्वीट करते समय गलती जरूर हुई है। हालांकि इससे परिवहन निगम यह भी न समझ ले कि उनकी बसों की हालत खस्ता नहीं है। आए दिन बसें बीच रास्ते में खड़ी हो जाती हैं। यात्रियों को धक्का लगाना पड़ता है। कभी विंडस्क्रीन के बिना ही बस को रूट पर भेज दिया जाता है जिससे सर्दी में यात्री ठिठुरते रहते हैं। कभी बाईपर न होने पर पानी की बोतल शीशे पर टांगकर काम चलाया जाता है। बसों की स्थिति काफी दयनीय है।

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