Shanti Swarup Bhatnagar: वैज्ञानिक चेतना और कवि हृदय का दुर्लभ संयोग, BHU कुलगीत बेमिसाल, पंडित नेहरू भी मुरीद रहे
Shanti Swarup Bhatnagar एक ऐसी विभूति हैं, जिनमें वैज्ञानिक चेतना के साथ कवि हृदय का दुर्लभ संयोग मिलता है। काशी के विश्वस्तरीय संस्थान BHU की कुलगीत ऐसी रचना है, जो बेमिसाल है। 19 साल तक यूनिवर्सिटी प्रोफेसर रहे डॉ भटनागर 1921 से 1940 तक सेवाएं देते रहे। पहले बीएचयू में सेवाएं देने के बाद वे पंजाब यूनिवर्सिटी से जुड़े। कई मायने में ‘फर्स्ट इन इंडिया’ रहे डॉ भटनागर 1894 में…

